प्रेत बाधा – हमेशा ही हम लोग देखते है , की कोई लोग दुष्ट हवाओ के पकड़ में रहते , कोई कहता है उन पर भूत , आते है यह प्रेत बाधा है यह कैसे पहचाने की कोई व्यक्ति प्रेत से पीड़ित है , और किसी ओजा यह तांत्रिक के पास जाने से कोई लाभ नहीं मिलता , व्यक्ति परेशान अलग होता है |
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प्रेत बाधा से मुक्ति – कुण्डली दोष
कभी कभी यह परेशानियां कुण्डली में पाये गये दोषो से भी होता है, जिससे व्यक्ति को प्रेत परेशान करते है ,
- अगर कुण्डली में चंद्र के साथ राहू होता है , और नावे और पाँचवे ग्रह स्थान पर कोई क्रूर ग्रह होता है तो यह दोष जातक को लगता है , और व्यक्ति आत्माओं , प्रेत से पीड़ित रहता है.
- यदि किसी व्यक्ति की कुण्डली में सातवें भाव में राहू ,केतू ,मंगल यह शनि होता है तो जातक प्रेत बाधा से पीड़ित होता है
प्रेत बाधा के बारे में पारंपरिक मान्यताएं
भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं में नकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक प्रभावों से जुड़ी अलग-अलग मान्यताएं मिलती हैं।
कुछ परंपराओं में माना जाता है कि किसी स्थान या व्यक्ति पर नकारात्मक प्रभाव होने से:
- मन में लगातार भय रह सकता है।
- घर का वातावरण तनावपूर्ण महसूस हो सकता है।
- नींद में परेशानी हो सकती है।
- व्यक्ति असामान्य बेचैनी महसूस कर सकता है।
- बार-बार नकारात्मक विचार आ सकते हैं।
लेकिन इन लक्षणों को अपने आप में किसी अलौकिक प्रभाव का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
प्रेत बाधा मुक्ति उपाय
- अगर आप के घर में कोई पीड़ित है तो रात के समय सोने से पहले एक चाँदी की कटोरी में लौंग और कपूर जला दे , किसी पवित्र स्थान पर ,आप को सभी संकटो से मुक्ति मिलेगी ।
- भूत एवं प्रेत बाधा दूर करने के लिए धतूरे के पौधे को उखाड़ ले और उसको उल्टा कर जमीन में इस तरह दबाएं की पूरा पौधा धरती में समा जाए और जड़ ऊपर हो , इस उपाय को घर में करे घर में शान्ति आएगी ,और सभी प्रेत बाधाए दूर होगी ,
- घर मे शान्ति और घर को प्रेत एवं नज़र बाधा से दूर रखने के लिए अशोक के पेड़ के सात पत्त्ते अपने मंदिर में रख कर पूजा करनी चाहिए, और जब पत्त्ते सूख जाए तब उन पत्तो को किसी पीपल के पेड़ के नीचे रख दे , यह क्रिया नियमित सात बार करे , आप के घर की सभी बाधाए समाप्त होगी सुख शान्ति आएगी ,
- भगवान् गणेश की नियमिय पूजा करे , एक सुपारी रोज भगवान के चरणों पर चढ़ाये तथा रोज एक छोटी कटोरी चावल दान करे , यह एक वर्ष तक करे , आप को अवश्य लाभ होगा सभी प्रेत बाधाए दूर होगी
- अगर आप के घर में प्रेत बाधा है तो प्रतिदिन माँ काली की शुद्ध होकर नियमित पूजा करे, सुबह एवं साम को और माँ से प्राथना करे ,आप की सभी बाधाए दूर हो जायेगी ।
- नियमित रूप से शुद्ध होकर हनुमान चालीसा पढ़े और 11 पाठ रोज करे , आप की सभी बाधाए दूर होगी ।
- प्रेत बाधाए एवं भूत बाधाओं को दूर करने के लिए , एवं घर में शांति , सुख के लिये शानिवार को इस टोटके को करने से बहूत लाभ होता है इसके लिए आपको शनिवार की दोपहर को सवा दो किलो बाजरे की दलिया गुड़ दाल कर बनाये, और उसके बाद एक मिट्टी की मटकी ले और उस में पूरी दलिया डाल दे , और साम को सूर्यास्त के पूर्व ,जिसके ऊपर प्रेत यह भूत की छाया हो उसके सर के ऊपर से बाय से दाय सात बार घुमाकर किसी सुनसान चौराहे पर डाल दे , और पीछे मुड़कर न देखे और घर आकर हाथ पैर धो ले, यह करने के बाद आप देखेंगे की जिस व्यक्ति पर छाया है वो सही होता जायेगा और सभी आत्माओ से मुक्त हो जायेगा.
क्या कुंडली में प्रेत बाधा देखी जा सकती है?
कुछ ज्योतिषीय परंपराओं में राहु, केतु, शनि, अष्टम भाव, द्वादश भाव और अन्य ग्रह स्थितियों को आध्यात्मिक या रहस्यमय विषयों के संदर्भ में देखा जाता है।
लेकिन केवल किसी एक ग्रह या योग के आधार पर यह कहना उचित नहीं है कि व्यक्ति पर प्रेत बाधा है।
ज्योतिषीय analysis को व्यापक संदर्भ में समझना चाहिए और वास्तविक जीवन की परिस्थितियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
भूत-प्रेत सिद्धि
यह सिद्धि करना अत्यंत आसान ,इसे आप मात्र 11 दिन में कर सकते है , बस आप को अपनी माला के द्वारा 21माला रोज जप करना होगा , प्रतिदिन और रोज आप को लड्डुओं का भोग लगाना होगा, और अंततः भूत आप के समक्ष प्रगट हो जायेगा , इस साधना क्रिया से देवी देवताओं को भी प्रसन्न किया जाता है और उनसे मन वांक्षित फल की प्राप्ति भी होती है ,भूत प्रेत की साधना को गलत और देवी देवताओं की साधना को लोग उचित मानते है,बल्कि देवी देवताओं की पूजा करके जो फल आप को वर्षो में प्राप्त होता है , वही फल आपको भूतो की साधना से मात्र कुछ महीनो में ही मिल जायेगा ,
साधना
- प्रेतों और भूतों की साधना रात्रि में ही होती है इसमें आप को काले वस्त्र पहनकर ही करना चाहिये ,तथा यह साधना दक्षिण दिशा में ही बैठकर करनी चाहिए
- इसमें आप को एक कच्चा मिट्टी दिया , सरसो के तेल , काज़ल ,चावल , तथा प्रेत सिद्धि यंत्र की आवश्कयता होती है
- आप को किचावल जमीन में बिछाना चाहिये और उसके ऊपर प्रेत सिद्धि यंत्र को सफेद कपड़े पर रखकर ,काजल से उस कपड़े पर पुरुष की आकृति बनानी चाहिए
- और उस आकृति का जप अपने सिद्ध मंत्रो द्वारा करना चाहिए , आपको कुछ समय में कोई छाया के दर्शन होंगे और आप की इच्छाएं पूरी होगी, फिर आप को यह पूरी सामग्री जल में प्रवाहित करना चाहिए ।
पैशाचिनी देवी साधना
पिशाची देवी की साधना पिचाश भूतो को प्रसन्न करने के लिए लिया जाता है , यह एक अधिष्ठात्री देवी है। यह देवी हमारे हृदय चक्र की स्वमी होती है इसे बहुत ही खतरनाक साधना माना जाता है , इस साधना से हर इच्छा पूर्ण होती है , तथा चमत्कारी शक्तियां प्राप्त होती है , तथा भूतों को अपने वश में किया जा सकता है , यह साधना तंत्र साधना के अंतर्गत आती है,
सिद्धी मंत्र- यह मंत्र का निरंतर जप करने से भूत प्रेत की सिद्धि होती है , तथा उनके दुष्प्रभाव से बचत भी होती है यह मंत्र अत्यंत शक्तिशाली होते है,
- (ह्रौं हूं प्रेत प्रेतेश्वर आगच्छ ,आगच्छ प्रत्येक दृश्यम हूं फट ll)
- इस मंत्र का 108 बार रोज रात्रि में जप करने से प्रेत सिध्दि होती है ,
- हनुमत मंत्र – हनुमान जी का मंत्र है इसको जपने वाला व्यक्ति हर संकटो से दूर हो जाता है , तथा सभी भूत प्रेत से मुक्त होकर शांति प्राप्त करता है ,
(ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ऊँ नमो भगवते महाबला पराक्रमाय भूत ,प्रेत पिशाच, शाकिनी,डाकिनी,यक्षणी,पूतना-मारी-महामारी , यक्ष राक्षस भैरव बेताल ग्रह राक्षसादिक् ,क्षणेन हन हन भंजय भंजय मारय मारय शिक्षय शिक्षय महामारेश्वर रुद्रावतार हुं फट् स्वाहा।)
क्या प्रेत बाधा के लिए तांत्रिक प्रयोग करना जरूरी है?
नहीं।
किसी भी व्यक्ति को केवल डर के आधार पर कठिन या जोखिमपूर्ण तांत्रिक प्रयोग करने की आवश्यकता नहीं है।
विशेष रूप से ऐसे प्रयोगों से बचें जिनमें:
- किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने की बात हो।
- जानवरों को नुकसान पहुंचाया जाए।
- आग या खतरनाक पदार्थों का इस्तेमाल हो।
- किसी व्यक्ति को बांधने या नियंत्रित करने का दावा किया जाए।
- बहुत बड़ी रकम की मांग की जाए।
सुरक्षित और अहिंसक धार्मिक practices को प्राथमिकता देना बेहतर है।
अगर घर में बार-बार डर महसूस हो तो क्या करें?
अगर आपको या परिवार के किसी सदस्य को लगातार किसी स्थान पर डर या बेचैनी महसूस होती है, तो पहले practical कारणों की जांच करें।
जैसे:
- बिजली या उपकरणों की आवाज।
- घर में ventilation की समस्या।
- नींद की कमी।
- अत्यधिक तनाव।
- दवाओं के side effects।
- आसपास का शोर।
- मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या।
इसके साथ अपनी आस्था के अनुसार पूजा या प्रार्थना करना चाहें तो कर सकते हैं।
प्रेत बाधा से मुक्ति के लिए सबसे जरूरी बात
डर को समस्या का समाधान न बनने दें।
अगर आपको किसी प्रकार की असामान्य परेशानी महसूस होती है, तो आध्यात्मिक आस्था और practical understanding दोनों को साथ लेकर चलना बेहतर है।
सरल पूजा, प्रार्थना, ध्यान, साफ वातावरण और सकारात्मक पारिवारिक माहौल मन को शांति दे सकते हैं। वहीं लगातार या गंभीर मानसिक अथवा शारीरिक लक्षणों के लिए qualified professional की सहायता लेना आवश्यक है।
प्रेत बाधा से जुड़े आम भ्रम
प्रेत बाधा के विषय में कई तरह की लोक मान्यताएं और कहानियां प्रचलित हैं। हर असामान्य अनुभव को तुरंत किसी आत्मिक या नकारात्मक शक्ति से जोड़ना उचित नहीं है।
हर परेशानी प्रेत बाधा नहीं होती
घर में लगातार झगड़े, आर्थिक परेशानी, नींद की समस्या या मानसिक तनाव के पीछे वास्तविक जीवन की परिस्थितियां भी हो सकती हैं।
इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले समस्या के practical कारणों को समझना जरूरी है।
डर फैलाने वाले दावों से सावधान रहें
अगर कोई व्यक्ति बिना किसी उचित आधार के यह दावा करता है कि आप पर निश्चित रूप से प्रेत बाधा है और केवल वही व्यक्ति उसे दूर कर सकता है, तो सावधानी बरतें।
महंगे अनुष्ठान जरूरी नहीं हैं
आध्यात्मिक शांति के लिए महंगे तांत्रिक अनुष्ठान करवाना आवश्यक नहीं है। अपनी आस्था के अनुसार सरल पूजा, प्रार्थना और धार्मिक पाठ भी किए जा सकते हैं।
Frequently Asked Questions
Q1. प्रेत बाधा से मुक्ति का सबसे सरल उपाय क्या है?
अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार नियमित प्रार्थना, हनुमान चालीसा या अन्य धार्मिक पाठ करना एक सरल आध्यात्मिक अभ्यास हो सकता है। साथ ही वास्तविक जीवन में परेशानी के कारणों को समझना भी जरूरी है।
Q2. क्या हनुमान चालीसा से प्रेत बाधा दूर होती है?
हिंदू धार्मिक परंपरा में हनुमान चालीसा को भय और नकारात्मकता के समय पाठ किए जाने वाले महत्वपूर्ण devotional practice के रूप में माना जाता है। इसके प्रभाव को आध्यात्मिक आस्था के संदर्भ में समझना चाहिए।
Q3. क्या महामृत्युंजय मंत्र प्रेत बाधा के लिए किया जा सकता है?
कुछ लोग भगवान शिव की उपासना के रूप में महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हैं। इसे आध्यात्मिक साधना के रूप में किया जा सकता है, लेकिन इसे किसी supernatural problem का guaranteed treatment नहीं माना जाना चाहिए।
Q4. क्या घर में नकारात्मक ऊर्जा होने से प्रेत बाधा होती है?
ऐसा निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। घर का तनावपूर्ण वातावरण कई सामाजिक, मानसिक या व्यावहारिक कारणों से भी बन सकता है। किसी आध्यात्मिक मान्यता को वास्तविक समस्या के अन्य संभावित कारणों के साथ समझना चाहिए।
Q5. क्या कुंडली में प्रेत बाधा का योग देखा जा सकता है?
कुछ ज्योतिषीय परंपराओं में राहु, केतु, शनि तथा अष्टम और द्वादश भाव जैसे factors का अध्ययन किया जाता है। लेकिन केवल किसी एक ग्रह या योग के आधार पर प्रेत बाधा का निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
Q6. क्या राहु-केतु के कारण प्रेत बाधा हो सकती है?
Vedic Astrology में राहु और केतु को shadow planets माना जाता है और कुछ परंपराओं में इन्हें भ्रम या असामान्य अनुभवों से जोड़ा जाता है। फिर भी इसे प्रेत बाधा का वैज्ञानिक या निश्चित प्रमाण नहीं माना जा सकता।
Q7. अगर रात में बार-बार डरावने सपने आएं तो क्या करें?
डरावने सपनों के पीछे stress, anxiety, नींद की कमी या अन्य कारण हो सकते हैं। अपनी आस्था के अनुसार प्रार्थना करने के साथ नींद की quality और मानसिक तनाव पर भी ध्यान दें। समस्या लगातार बनी रहे तो qualified professional से सलाह लें।
Q8. क्या प्रेत बाधा दूर करने के लिए तांत्रिक प्रयोग जरूरी है?
नहीं। किसी भी जोखिमपूर्ण या नुकसान पहुंचाने वाले तांत्रिक प्रयोग की आवश्यकता नहीं है। सुरक्षित, अहिंसक और अपनी धार्मिक परंपरा के अनुरूप practices को प्राथमिकता देना बेहतर है।
Q9. Life Path Solution में प्रेत बाधा से संबंधित consultation में क्या देखा जाता है?
Life Path Solution में traditional Vedic Astrology के अनुसार आपकी जन्म कुंडली के ग्रहों और भावों का अध्ययन किया जा सकता है। आवश्यकता के अनुसार Rahu-Ketu analysis, spiritual concerns और पारंपरिक Vedic remedies पर guidance दी जा सकती है।
Q10. प्रेत बाधा के साथ मानसिक परेशानी भी हो तो क्या करें?
अगर लगातार डर, आवाजें सुनाई देना, नींद की गंभीर समस्या, अत्यधिक चिंता या अन्य परेशानियां रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित कर रही हैं, तो qualified doctor या mental-health professional से सहायता लेना जरूरी है। आध्यात्मिक practices को चाहें तो supportive practice के रूप में रखा जा सकता है।





















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