सौतन से छुटकारा पाने के लिए करें ये उपाय – पति-पत्नी का रिश्ता बड़ा नाज़ुक और अहम होता है। अगर इस रिश्ते में दरार आ जाए तो पूरा जीवन बरबाद हो जाता है। पति-पत्नी के बीच झगड़े की वजह कई बार शक या दोनों के बीच किसी और पराई स्त्री का आ जाना भी हो सकता है। पराई स्त्री की वजह से आपका वैवाहिक जीवन मुश्किलों से भर जाता है। अगर आपके पति किसी पराई स्त्री के मोहजाल में फंस गए हैं तो आप ये उपाय कर उन्हें उस स्त्री से दूर कर सकती हैं। आज हम आपको बताते हैं कि अपने पति को पराई स्त्री से बचाने के लिए आपको क्या उपाय करने चाहिए। इन टोटकों की मदद से पराई स्त्री के प्यार में उलझे पति को आप वापिस पा सकती हैं।
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सौतन से दूर करने का उपाय
जिन स्त्रियों के पति किसी पराई स्त्री के प्यार में पड़ गए हैं वह स्त्रियां ये टोटका अपनाकर अपने वैवाहिक जीवन को बचा सकती हैं। गुरुवार या शुक्रवार की रात्रि को या माहवारी के समय रात के 12 बजे पति के सिर के कुछ बाल बिना बताए काट लें। इन्हें किसी ऐसे स्थान पर रख दें जहां किसी अन्य की नज़र न पड़े। कुछ दिनों के पश्चात् इन बालों को जलाकर अपने पैरों से कुचल दें। इस टोटके से आपके पति की बुद्धि में सुधार आएगा। ये टोटका मासिक धर्म के दौरान करेंगीं तो ज्यादा जल्दी और बेहतर असर होगा।
अगर पति-पत्नी के बीच दूसरी स्त्री की वजह से कलह होती है तो रात को सोते समय पत्नी अपने तकिये के नीचे देसी कपूर और पति अपने तकिए के नीचे कामाख्या सिंदूर रखें। सुबह होते ही पति उस कपूर को जला दे और पत्नी उस सिंदूर को पूरे कमरे में छिड़क दे और अपनी मांग में भर ले। इस टोटके को करने के कुछ समय के अंतराल में आप दोनों का रिश्ता बेहतर होता नज़र आएगा। आप दोनों पति-पत्नी के बीच आपसी प्रेम बढ़ेगा।
सौतन से छुटकारा के टोटके
शनिवार की आधी रात को सात लौंग लें। इन सातों लौंग पर से 21 बार पति का नाम लेकर फूंक मारें और अगले दिन रविवार को इसे आग में जला दें। ये टोटका आपको लगातार सात बार करना है। इस टोटके से पति के साथ-साथ किसी को भी वश में किया जा सकता है। इस टोटके को करने के 2-3 हफ्ते के बाद आपको इसका असर दिखना शुरु हो जाएगा।
अगर आपके पति किसी पराई स्त्री के मोहजाल में फंस गए हैं और इस वजह से आप दोनों के बीच लड़ाई-झगड़ा होता है तो आप हर रविवार की शाम को अपने घर और शयनकक्ष में गूगल की धूनी दें। धूनी करने से पहले उस स्त्री का नाम लें जिस पर आपके पति आसक्त हैं। यह टोटका करते हुए मन में यह कामना करें के आपके पति उस स्त्री के चक्कर से जल्द ही बाहर निकल आएं। इस उपाय को श्रद्धा और विश्वास के साथ करेंगें तो बेहतर परिणाम मिलेगा।
सौतन से छुटकारा पाने के लिए शुक्ल पक्ष के प्रथम रविवार को सुबह के समय स्नान के पश्चात् अपने पूजन स्थल में एक थाली में केसर से स्वास्तिक बनाएं और वहां पर गंगाजल छिड़का हुआ मोती शंख स्थापित करें। अब फूल और बताशों से इसका पूजन करें। पूजन में गाय के घी का प्रयोग करें। अब स्फटिक की माला से ‘ऊं हृीं वांछितं मे वशमानय स्वाहा’ एक महीने तक रोज़ 108 बार जाप करें। इस टोटके से आप किसी को भी वश में कर सकते हैं।
कुंडली में संतान के लिए कौन-सा भाव देखा जाता है?
वैदिक ज्योतिष में पंचम भाव को संतान से जुड़े प्रमुख भावों में माना जाता है।
इस भाव से पारंपरिक रूप से देखा जाता है:
- संतान से संबंधित संभावनाएं।
- संतान के प्रति भावनात्मक जुड़ाव।
- परिवार बढ़ाने की इच्छा।
- बच्चों से संबंधित सुख।
- संतान से जुड़ी परिस्थितियां।
अगर आपको सौतन की वजह से परेशानर हो रही है तो एक पान के पत्ते पर चंदन और केसर का पाउडर मिलाकर रखें। इसके पश्चात् लाल रंग के कपड़े पर मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित करें और पान के पत्ते को मां दुर्गा के चरणों में समर्पित करें। मां दुर्गा की प्रतिमा के आगे बैठकर 43 दिनों तक चंडी स्रोत का पाठ करें। पाठ करने के पश्चात् पान के पत्ते में रखे चंदन और केसर पाउडर का तिलक अपने माथे पर लगा लें।
अपने माथे पर तिलक लगाने के बाद अपने पति के पास जाएं। यदि उस समय पति न हों तो उनके फोटो के सामने जाएं। ये उपाय शुक्ल पक्ष के दौरान ही करना है। पान का पत्ता रोज़ बदलते रहें। ध्यान रहे पान का पत्ता कहीं से कटा हुआ नहीं होना चाहिए।
अपने वैवाहिक जीवन में मधुरता लाने के लिए अपने जीवनसाथी को डॉल्फिन मछलियों का शोपीस उपहार में दें। अपने कमरे में डॉल्फिन मछलियों की तस्वीर को पूर्व या पश्चिम दिशा में रखना चाहिए। फेंगशुई के अनुसार नवविवाहित जोड़े के कमरे में मेंडेरियन बत्तख का जोड़ा रखने से पूरा जीवन सुख से भरा रहता है।
पति -पत्नी के बीच आपसी प्रेम बढ़ाने के लिए नवमी के दिन सफेद मदार का पौधा घर में लगाएं। दीवाली के दिन इस पौधे की पूजा करें। इस उपाय से आपको जरूर लाभ होगा।
शुक्रवार के दिन भगवान कृष्ण की उपासना करें। रात के समय 3 इलायची अपने शरीर से स्पर्श कर अपने पति के सिरहाने रख दें। अगले दिन सुबह होकर ये इलायची चाय या खाने में पीसकर मिला दें। इस उपाय को 3 से 4 सप्ताह तक करें। आपको खुद अपने वैवाहिक संबंध में इस उपाय का असर नज़र आएगा।
पंचम भाव के स्वामी का महत्व
पंचम भाव का स्वामी किस राशि और भाव में स्थित है, यह भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
ज्योतिषी देख सकते हैं:
- पंचमेश की स्थिति।
- उसकी शक्ति।
- उस पर ग्रहों की दृष्टि।
- शुभ या चुनौतीपूर्ण ग्रहों का प्रभाव।
- पंचमेश का अन्य महत्वपूर्ण भावों से संबंध।
इन सभी कारकों को मिलाकर ही संतान संबंधी योगों का पारंपरिक विश्लेषण किया जाता है।
अगर आपके पति आपसे दूर जा रहें हैं तो उनका प्यार वापिस पाने के लिए शुक्ल पक्ष के रविवार के दिन 5 लौंग लेकर अपने शरीर में ऐसी जगह रखें जहां पसीना आता हो। इसके पश्चात् लौंग को धूप में सुखा दें और इनको पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को अपने पति के खाने या चाय में मिला दें। इस टोटके को करने के बाद से आपके पति आपकी ओर आकर्षित होने लगेंगें।
पति-पत्नी के बीच आपसी प्यार बढ़ाने के लिए भोजन करते समय पत्नी पति को बिना बताए अपनी थाली से थोड़ा सा भोजन लेकर अपने पति की थाली में रख दें। इस टोटके के असर से आपके पति फिर से आपकी ओर आकर्षित होने लगेंगें और यदि किसी अन्य स्त्री के मोहजाल में फंसे थे तो उससे भी छूट जाएंगें। ये उपाय आपकी काफी मदद कर सकता है। इसके अलावा प्रेम बढ़ाने के लिए पति-पत्नी को एकसाथ एक थाली में भोजन करना चाहिए।
संतान प्राप्ति में गुरु ग्रह की भूमिका
गुरु (Jupiter) को वैदिक ज्योतिष में संतान और विस्तार से जुड़े महत्वपूर्ण ग्रहों में माना जाता है।
कुंडली में गुरु की:
- राशि।
- भाव स्थिति।
- शक्ति।
- दृष्टि।
- अन्य ग्रहों से संबंध।
जैसी बातों का अध्ययन किया जा सकता है।
लेकिन गुरु की अच्छी स्थिति अकेले संतान प्राप्ति का निश्चित परिणाम नहीं बताती।
क्या पति-पत्नी दोनों की कुंडली देखनी चाहिए?
अगर प्रश्न संतान प्राप्ति की संभावना या समय से जुड़ा है, तो पारंपरिक ज्योतिष में पति और पत्नी दोनों की कुंडली का अध्ययन अधिक व्यापक माना जाता है।
दोनों की कुंडली से अलग-अलग ग्रह स्थितियों और संभावित समय की तुलना की जा सकती है।
इससे केवल एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराने की गलत धारणा से भी बचा जा सकता है।
संतान प्राप्ति में देरी होने पर क्या करें?
अगर विवाह के बाद लंबे समय से गर्भधारण नहीं हो रहा है, तो केवल ज्योतिषीय उपायों पर निर्भर रहना उचित नहीं है।
सबसे पहले:
- योग्य स्त्री रोग विशेषज्ञ या प्रजनन विशेषज्ञ से सलाह लें।
- आवश्यक medical tests करवाएं।
- डॉक्टर द्वारा बताई गई treatment plan का पालन करें।
- तनाव और चिंता को कम करने की कोशिश करें।
- पति-पत्नी दोनों अपनी health का ध्यान रखें।
ज्योतिषीय consultation को चाहें तो आध्यात्मिक या सांस्कृतिक guidance के रूप में अलग से लिया जा सकता है।
Frequently Asked Questions
Q. पति को दूसरी महिला से दूर करने के लिए कौन सा उपाय किया जा सकता है?
A. ऐसी स्थिति में सबसे पहले शांतिपूर्वक बातचीत, आपसी विश्वास और वैवाहिक संबंध को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। धार्मिक आस्था रखने वाले लोग प्रार्थना या पारंपरिक आध्यात्मिक उपाय भी कर सकते हैं।
Q. क्या कोई आध्यात्मिक उपाय पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम बढ़ा सकता है?
A. आध्यात्मिक उपाय कई लोगों के लिए मानसिक शांति और सकारात्मक सोच का माध्यम हो सकते हैं। साथ ही रिश्ते में संवाद, सम्मान और भरोसा बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
Q. पति का दूसरी महिला की ओर आकर्षण कम करने के लिए क्या करें?
A. पति से बिना आरोप लगाए अपनी भावनाओं और चिंताओं पर खुलकर बात करना बेहतर शुरुआत है। रिश्ते में मौजूद समस्याओं को समझकर उनके समाधान पर मिलकर काम करना अधिक प्रभावी हो सकता है।
Q. क्या पूजा या प्रार्थना से पति का मन परिवार की ओर वापस लाया जा सकता है?
A. प्रार्थना व्यक्ति को मानसिक शांति और आशा दे सकती है। हालांकि किसी दूसरे व्यक्ति की इच्छा या व्यवहार को निश्चित रूप से नियंत्रित करने की गारंटी किसी धार्मिक उपाय से नहीं दी जा सकती।
Q. पति के विवाहेतर संबंध से परिवार में तनाव हो तो क्या करें?
A. जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय शांत वातावरण में बातचीत करें। जरूरत पड़ने पर किसी भरोसेमंद परिवार के सदस्य या योग्य विवाह-परामर्शदाता की सहायता लेना भी उपयोगी हो सकता है।
Q. क्या पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ाने के लिए कोई धार्मिक उपाय किया जा सकता है?
A. व्यक्ति अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रार्थना, इबादत या पूजा कर सकता है। इसका उद्देश्य सकारात्मकता, धैर्य और रिश्ते में शांति बढ़ाना होना चाहिए।
Q. क्या सौतन से पति को दूर करने के लिए तांत्रिक उपाय जरूरी है?
A. नहीं। किसी रिश्ते की समस्या के लिए तांत्रिक उपाय को आवश्यक नहीं माना जा सकता। बातचीत, विश्वास, सीमाएं तय करना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ सलाह लेना अधिक व्यावहारिक विकल्प हैं।
Q. पति को परिवार के प्रति जिम्मेदार बनाने के लिए क्या किया जा सकता है?
A. पति के साथ स्पष्ट बातचीत करके परिवार की जिम्मेदारियों, अपेक्षाओं और भविष्य को लेकर सहमति बनाना उपयोगी हो सकता है। दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर देना चाहिए।
Q. अगर पति दूसरी महिला के कारण पत्नी से दूरी बना रहा हो तो क्या करें?
A. स्थिति को समझने के लिए शांतिपूर्वक बातचीत करें और बिना प्रमाण के आरोप लगाने से बचें। यदि समस्या गंभीर हो, तो विवाह-परामर्श या किसी विश्वसनीय विशेषज्ञ की सहायता ली जा सकती है।
Q. क्या पति को वापस पत्नी के करीब लाने के उपाय तुरंत असर करते हैं?
A. किसी भी आध्यात्मिक या धार्मिक उपाय के परिणाम की निश्चित समय-सीमा की गारंटी नहीं दी जा सकती। रिश्ते में सुधार के लिए समय, ईमानदार संवाद, विश्वास और दोनों पक्षों की इच्छा महत्वपूर्ण होती है।





















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